Stock broker meaning in Hindi

Stock broker meaning in Hindi

स्टॉक ब्रोकर क्या होता है ?

ब्रोकर का हिंदी में मतलब होता है दलाल और स्टॉक ब्रोकर शेयर बाजार के दलाल को कहते हैं |

ब्रोकर का काम शेयर मार्केट में बहुत ही महत्वपूर्ण होता है, स्टॉक एक्सचेंज और निवेशक के बीच में स्टॉक ब्रॉकर एक कड़ी का काम करता है। बिना ब्रोकर के कोई भी निवेशक अपना सौदा शेयर मार्केट में नहीं डाल सकता है।

अगर आप शेयर मार्केट में कदम रखना चाहते हैं तो आपको एक डीमैट अकाउंट और एक ट्रेडिंग अकाउंट की जरूरत पड़ती है, और यह दोनों ही अकाउंट को एक स्टॉक ब्रोकर ही खोल सकता है। किसी भी निवेशक के द्वारा buy या sell के आर्डर को स्टॉक एक्सचेंज तक पहुंचाने का काम भी स्टॉक ब्रोकर का ही होता है।

स्टॉक ब्रोकर एक विनियमित व्यावसायिक व्यक्ति या कोई कंपनी हो सकती है, जो आम तौर पर ब्रोकरेज फर्म या ब्रोकर-डीलर से जुड़ा होता है, जो बदले में शुल्क या कमीशन के लिए स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से या काउंटर पर रिटेल और संस्थागत ग्राहकों दोनों के लिए स्टॉक और अन्य प्रतिभूतियों को खरीदता है और बेचता है।

स्टॉकब्रोकर्स को उनके पास रखे गए लाइसेंस, उनके द्वारा बेची गई प्रतिभूतियों के प्रकार या उनके द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं के आधार पर कई पेशेवर पदनामों द्वारा जाना जाता है.

स्टॉक ब्रोकर मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं

  1. डिस्काउंट ब्रोकर – डिस्काउंट ब्रोकर का काम सिर्फ इतना होता है कि वह आपकी शेयरों को खरीदते और बेचते हैं। फुल सर्विस ब्रोकर की तुलना में डिस्काउंट ब्रोकर के चार्जेस बहुत कम होते हैं या शून्य होते हैं क्योंकि यह आपको कोई सुविधाएं उपलब्ध नहीं करते हैं। अगर आप डिस्काउंट ब्रोकर के साथ डिमैट अकाउंट खुलवा ते हैं तो आपको अपना पोर्टफोलियो खुद मैनेज करना होगा।
  2. फुल सर्विस ब्रोकर – फुल सर्विस ब्रोकर आपको कई सारी सुविधाएं मुहैया करता है। फुल सर्विस ब्रोकर के चार्जेस बहुत हाई होते हैं। यह आपको पोर्टफोलियो अपडेट, लीगल सलाह, टैक्स एडवाइस, मार्जिन की सुविधा जैसी कई सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। यह आपको शेयरों से जुड़ी हुई रिसर्च या जानकारी भी उपलब्ध कराते हैं। यह आपको रिटायरमेंट प्लान इन्वेस्टमेंट प्लान जैसी सुविधाएं भी देता है। यह आपके पोर्टफोलियो को भी मैनेज करता है।

आप सोच रहे होंगे कि क्या स्टॉक ब्रोकर इन सब सौदा करवाने का फीस लेता है? तो हां स्टॉक ब्रोकर आपसे हर आर्डर की एक तय फीस लेता है जिसे हम ब्रोकरेज (दलाली) कहते हैं। दोस्तों हर स्टॉक ब्रोकर की दलाली अलग-अलग होती है यह आपके स्टॉक ब्रोकर के ऊपर निर्भर करता है कि वह कितना दलाली लेता है।

उदाहरण –

Zerodha, Groww, 5paisa आदि डिस्काउंट ब्रोकर हैं।

ICICI security, SBI, HDFC आदि फुल सर्विस ब्रोकर हैं।

ब्रोकरेज क्या होता है (What is Brokerage in Hindi)

स्टॉक मार्केट में शेयर को खरीदने और बेचने के लिए स्टॉक ब्रोकर हमने कुछ फीस चार्ज करता है जिसे कि ब्रोकरेज कहते हैं हर स्टॉक ब्रोकर का ब्रोकरेज अलग- अलग होता है |

स्टॉक ब्रोकर काम कैसे करते हैं (Stock Broker Work in Hindi)

स्टॉक ब्रोकर अपने ग्राहकों के लिए एक डीमैट अकाउंट और ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाते हैं जिसके द्वारा निवेशक शेयर बाजार में ट्रेड कर सकता है. जब निवेशक शेयर मार्केट में ऑर्डर करता है कि कौन सा शेयर खरीदना है, कब खरीदना है, कितना खरीदना है तो स्टॉक ब्रोकर अपने ग्राहकों के ऑर्डर को मार्केट में पहुंचाते हैं.

एक उदाहरण के द्वारा समझते हैं, माना आपको एक कंपनी G के 50 शेयर खरीदने है तो जब आप शेयर मार्केट में G कंपनी के 50 शेयर खरीदने का ऑर्डर करते हैं तो स्टॉक ब्रोकर आपके ऑर्डर को मार्केट में पहुंचाता है और किसी ऐसे कंपनी या व्यक्ति की तलाश करता है जिसे G कंपनी के 50 शेयर बेचने हैं. जब Match हो जाता है तो आपके डीमैट अकाउंट में G कंपनी के शेयर आ जायेंगे और पैसे आपके ट्रेडिंग अकाउंट से कट जाते हैं.

इसी प्रकार जब आप शेयर बेचते हैं तो स्टॉक ब्रोकर मार्केट में ऐसे व्यक्ति या कंपनी को ढूंढते हैं जिसे उस Specific कंपनी के शेयर खरीदने हैं. और Match हो जाने पर शेयर आपके डीमैट अकाउंट से कम हो जाते हैं और पैसे आपके ट्रेडिंग अकाउंट में आ जाते हैं. इस प्रोसेस को करने में कुछ समय लगता है, अधिकतम दो दिनों के अन्दर ट्रेड कम्पलीट हो जाती है |

भारत में कुछ Popular Full Service Stocks Broker की सूची निम्न हैं –

  1. ICICI Direct (आईसीआईसीआई डायरेक्ट)
  2. HDFC Securites (एचडीएफसी सिक्योरिटीज)
  3. Motilal Oswal (मोतीलाल ओसवाल)
  4. IIFL Securites (आईआईएफएल सिक्यूरिटीज़)
  5. SBI Securites (एसबीआई सिक्यूरिटीज़)
  6. Axis Securites (एक्सिस सिक्यूरिटीज़)

अच्छे स्टॉक ब्रोकर का चयन कैसे करें –

स्टॉक ब्रोकर का चयन करने से पहले ये सुनिश्चित कर लें कि आपको किस प्रकार के स्टॉक ब्रोकर की जरुरत है. अगर आपको शेयर बाजार में बारे में कुछ भी जानकारी नहीं है तो आप फुल सर्विस स्टॉक ब्रोकर के साथ शेयर बाजार में निवेश की शुरुवात कर सकते हैं.

लेकिन अगर आप अधिक पैसे खर्च नहीं करना चाहते हैं ट्रेडिंग में तो डिस्काउंट स्टॉक ब्रोकर से अपना डीमैट अकाउंट खुलवा सकते हैं. लेकिन ध्यान रहें कि डिस्काउंट ब्रोकर आपको शेयर बाजार से जुडी टिप्स नहीं देते हैं|

ऐसे स्टॉक ब्रोकर को चुनें जो SEBI (Securities and Exchange Board of India) तथा स्टॉक एक्सचेंज में रजिस्टर हो. क्योंकि अगर आप ऐसे ब्रोकर के पास चले जाते हैं जो SEBI और स्टॉक एक्सचेंज में रजिस्टर नहीं है तो आपके साथ फ्रॉड भी हो सकता है.

स्टॉक ब्रोकर चुनने से पहले ब्रोकर के सारे फीस और चार्ज भी Check कर लें. यह भी जरुर Check करें कि कोई Hidden चार्ज तो नहीं हैं. आप इन सब बातों को ध्यान में रखकर आप एक अच्छे स्टॉक ब्रोकर का चुनाव कर सकते हैं |

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