PE Ratio क्या है 1

Price earnings ratio meaning in Hindi

P/E Ratio का मतलब क्या है ?

Price Earning Ratio अर्थ साधारण भाषा में इसका मतलब यह होता है कि हमें कितने रुपए लगाने पर कितने रुपए मिलेगा।

शेयर मार्केट में किसी भी शेयर को खरीदने से पहले हमें कई चीजें देखनी होती हैं। इनमें से ही एक महत्वपूर्ण पॉइंट हैं P/E Ratio (पीई रेश्यो). जब आप बाजार में कोई सामान खरीदने जाते हैं तो आप उस सामान के मुताबिक ही उसका मूल्य देते हैं। साथ ही आप उस सामान के मूल्य को उसके अन्य विकल्पों से तुलना भी करते हैं।

जिससे आपको पता चल जाता हैं की कहीं आप उस सामान का ज्यादा मूल्य तो नहीं दे रहे। तो क्या शेयर बाजार में भी हम पता लगा सकते हैं कि कोई शेयर सस्ता हैं या महंगा? कहीं हम किसी स्टॉक को बहुत ज्यादा दाम पर तो नहीं खरीद रहे हैं। इसी का पता लगाने के लिए P/E Ratio का प्रयोग किया जाता हैं।

P/E रेश्यो क्या होता हैं (What is P/E Ratio in Hindi)

P/E Ratio सबसे प्रचलित फाइनेंशियल रेशों हैं। P/E Ratio का अर्थ प्राइस टू अर्निंग रेशों (Price to earning Ratio) होता हैं। पीई रेश्यो हमें बताता हैं की किसी कंपनी का शेयर अपने EPS के मुकाबले शेयर मार्केट में कितने गुना मूल्य पर ट्रेड हो रहा हैं।

इस प्रकार प्राइस टू अर्निंग रेशों कंपनी की स्टॉक प्राइस और EPS में संबंध बताता हैं। चलिए इस आसान उदाहरण से P/E Ratio Meaning in Hindi को समझते हैं –

मान लीजिए कोई कंपनी हैं जो एक साल में ₹100 कमाती हैं। मान लेते हैं की मार्केट में उसका एक ही शेयर हैं जिसे आपने खरीद लिया हैं। उसकी करंट मार्केट प्राइस ₹1,000  हैं और P/E रेश्यो 10 हैं।

इसका मतलब हुआ की आपने वर्ष भर के ₹100 कमाने के लिए ₹1,000 दिए हैं। यहां आपको P/E रेश्यो की 10 गुना कीमत अदा करनी पड़ी हैं। दूसरे शब्दों में आप एक रुपया कमाने के लिए 10 रूपये दे रहे हैं।

पीई रेश्यो फॉर्मूला और कैलकुलेशन –

कंपनी की शेयर प्राइस में EPS का भाग लगाकर पीई रेश्यो निकाला जाता हैं।

P/E Ratio  =  Current Share Price  ÷  EPS

मान लीजिये किसी कंपनी का करंट शेयर प्राइस ₹90 हैं और EPS ₹10 अब पीई रेश्यो क्या होगा –

पीई रेश्यो =  ₹90 ÷ ₹10  = 9

इसका मतलब हुआ की आपको कंपनी का एक रुपया प्रॉफिट के रूप में कमाने के लिए ₹9 देना होगा।

EPS क्या होता हैं ?

EPS यानि की Earnings  per share. ये कंपनी की नेट इनकम में कुल आउटस्टैंडिंग शेयर्स का भाग लगाकर निकाला जाता हैं। इस प्रकार EPS एक शेयर की earning बताता हैं.

EPS हमें बताता हैं की कोई कंपनी किसी एक शेयर के पीछे कितना मुनाफा कमा रही हैं। ईपीएस जितना ज्यादा होता हैं उतना बढ़िया माना जाता हैं।

चलिए EPS की कैलकुलेशन के साथ पीई रेश्यो को समझते हैं –

मान लीजिये एक कंपनी हैं जिसके कुल 1000 शेयर हैं और कंपनी एक वर्ष में 2 लाख रूपये कमाती हैं। इस केस में इस कंपनी का EPS (Earning per Share) होगा –  2 लाख ÷  1000 शेयर = ₹200 प्रति शेयर।

यदि कंपनी का करंट मार्केट प्राइस ₹2,000 चल रहा हैं यहां पीई रेश्यो होगा –  10  (₹2,000 ÷ 200)

यहां एक शेयर वर्ष भर में ₹200 कमाता हैं और इस ₹200 को कमाने के लिए आपको 10 गुना कीमत देनी होगी।

P/E Ratio के प्रकार (Types of Price to Earnings Ratio)

मुख्य रूप से पीई रेश्यो दो प्रकार के होते हैं। ये दोनों कंपनी की आय की प्रकृति पर निर्भर करते हैं।

  1. Forward P/E Ratio – जैसा की इस रेश्यो के नाम से ही पता चल रहा हैं ये पीई रेश्यो कंपनी की Future earning के अनुमान के आधार पर निकाला जाता हैं। इस पीई को कंपनी की शेयर प्राइस में कंपनी की भविष्य की अनुमानित आय (Estimated earning) का भाग देकर निकाला जाता हैं।
  2. Trailing P/E Ratio – इस पीई रेश्यो को किसी कंपनी की Past Earnings के आधार पर निकाला जाता हैं। ये पीई रेश्यो अधिक सटीक होता हैं जो कंपनी की वास्तविक स्थिति बताता हैं। इस कंपनी की करंट मार्केट प्राइस में पास्ट अर्निंग का भाग लगाकर ज्ञात किया जाता हैं।

कंपनी का पी ई रेश्यो कैसे देखे?

आप किसी भी कंपनी का PE रेश्यो मनीकंट्रोल की वेबसाइट या मोबाइल एप्प के माध्यम से देख सकते हैं। यहां आपको कंपनी का PE, कंसोलिडेटेड PE और सेक्टर PE की जानकारी एक साथ मिल जाती है।

इसके अतिरिक्त भी आप टिकरटेप, मॉर्निंग स्टार, वैल्यू रिसर्च आदि वेबसाइट भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

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