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आज की इस पोस्ट में हम Network Marketing के कुछ नियमों पर चर्चा करेंगे जो आपको आपके Business को आगे पहुचाने में मदद करेगी।
आप सभी इनको ध्यान से पढ़े और अपनी अपनी डायरी में जरूर लिखे।
इस Series में हम ओर भी पोस्ट करेंगे, जो आपको काफी हद तक सहायता करेगी आपके Network Marketing Business को आगे पहुचाने में।
तो चलिए जानते हैं सभी नियम को।

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सफलता के पाँच स्वर्णिम नियम 

ग्यारह साल की कम उम्र में मुझे मेरा पहला काम सौंपा गया । मेरे स्काउट ट्रप के लिए एक हॉल बनने वाला था । इसके लिए पैसे जटाने के उद्देश्य से मुझे घरेलू काम में आने वाले स्पंज बेचने का काम दिया । गया । स्काउट मास्टर एक वृद्ध और समझदार व्यक्ति थे और उन्होंने मुझे एक रहस्य बताया जिसे मैं परिणाम का नियम कह इस नियम के अनुसार जीवन भर चला हूँ और मैं यह निश्चित रूप से कह सकता हूँ कि जो भी इसका अभ्यास करेगा और इसके अनुसार चलेगा वह अंततः अवश्य ही सफल होगा । मैं आपको यह नियम उसी तरह बताऊँगा जिस तरह यह मुझे बताया गया था , ‘ सफलता एक खेल है – आप जितनी अधिक बार इसे खेलेंगे उतनी ही अधिक बार जीतेंगे । और जितनी अधिक बार आप जीतेंगे , उतनी ही अधिक सफलता से आप इसे खेल सकेंगे ।

 इस नियम को नेटवर्किंग में अपनाएँ

अगर आप ज्यादा लोगों को अपनी योजना में शामिल होने का आमंत्रण देंगे तो ज्यादा लोग आपके साथ शामिल होंगे । जितनी अधिक बार आप उन्हें शामिल होने का आमंत्रण देंगे , आप आमंत्रण देने की अपनी कला को उतना ही निखारते जाएँगे और पहले से बेहतर बनाते जाएँगे । दूसरे शब्दों में , आपको अधिक से अधिक लोगों को अपने साथ जुड़ने का आमंत्रण देना है ।

नियम 1 : ज्यादा लोगों से मिलें

यह सबसे महत्वपूर्ण नियम है । जिसके पास भी सुनने की फुरसत हो , उससे बातें करना शुरू कर दें । इस मामले में घमंडी या बहानेबाज़ न । बनें जो अच्छे संभावित ग्राहकों को छाँटकर नकारने का प्रयास करता हो । अगर संभावित ग्राहकों की सूची पर नज़र दौड़ाते वक्त आप यह सोचने लगे . . . 
ये ज्यादा उम्र वाले हैं , . . . 
ये ज्यादा युवा हैं , . . . 
ये ज्यादा अमीर हैं , . . . 
ये ज्यादा गरीब हैं , . . . 
ये ज्यादा दूर रहते हैं , . . . 
ये ज्यादा स्मार्ट हैं आदि आदि , तो समझ लें कि आप असफलता के मार्ग पर जा रहे हैं । अपने बिज़नेस को जमाने के शुरुआती दौर में आपको हर एक से बात करने की ज़रूरत है क्योंकि आपको अभ्यास की ज़रूरत है । जब आप अपने व्यवसाय के बारे में हर एक से बात करते हैं , तो औसत का नियम यह सुनिश्चित करता है कि आप सफल होंगे , सवाल सिर्फ यह रह जाता है कि आप कितने सफल होंगे । आपके बिज़नेस में ऐसी कोई समस्या नहीं है , जो आपकी गतिविधि या सक्रियता में वृद्धि से न सुलझ सके । अगर आप अपनी जिंदगी की दिशा के बारे में चिंतित हों , तो बस , आप अपनी प्रस्तुतियों की संख्या को दोगुना कर दें । अगर आपका व्यवसाय उतनी तेज़ी से नहीं बढ़ रहा है जितना आप चाहते हैं तो आप कुछ न करें , सिर्फ अपनी सक्रियता बढ़ा दें । बढ़ी हुई । सक्रियता आपकी अधिकतर चिंताओं का अचूक इलाज है । हर किसी से बात करें । यह पहला नियम है ।

नियम 2 : ज्यादा लोगों से मिलें

लोगों को फ़ोन करते रहें । हो सकता है कि आप शहर के सबसे बतिया प्रस्तुतकर्ता हों पर अगर आप पर्याप्त संभावित ग्राहकों से नहीं मिलते हैं तो आप अपने विज़नेस में ज्यादा सफल नहीं हो सकते । हो सकता है कि आपकी वेशभूषा वढिया हो और आपका व्यक्तित्व सराहनीय हो लेकिन अगर आपकी प्रस्ततियों की संख्या ज्यादा नहीं है तो आपका प्रदर्शन सामान्य ही रहेगा । इसलिए हर एक से मिले , हर एक से बात करें ।

नियम 3 : ज्यादा लोगों से मिलें

नेटवर्क में मौजूद अधिकतर लोग इस बिज़नेस में केवल ढर्रे पर ही चलते रहते हैं और अपनी पूरी क्षमता का दोहन नहीं कर पाते । वे । सोचते हैं कि ऐसा उन संभावित ग्राहकों के कारण होता है जिन्हें वे राज़ी नहीं कर पाते । पर यह सच नहीं है – सच तो यह है कि ऐसा उन । संभावित ग्राहकों के कारण होता है जिनसे वे मिल नहीं पाते । | आप लगातार लोगों से मिलकर अपनी बात करते रहें । अगर आप इन पहले तीन नियमों के अनुसार चलेंगे तो इसमें ज़रा भी संदेह । नहीं है कि आप आशातीत सफलता प्राप्त कर लेंगे ।

नियम 4 : औसत के नियम का प्रयोग करें

औसत का नियम जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिलाता है । इसका मतलब है कि अगर आप किसी काम को बार – बार एक ही ढंग से करते हैं और परिस्थितियाँ समान रहती हैं तो आपको मिलने वाले परिणाम भी हमेशा एक से ही होंगे ।
उदाहरण के तौर पर , एक डॉलर की पोकर मशीन का औसत भुगतान लगभग 10 : 1 होता है । अगर आप दस बार बटन दबाते हैं । तो आप कुल मिलाकर 60 सेंट से लेकर 2० डॉलर के बीच की रकम जीतते हैं । 20 डॉलर की जीत के आपके अवसर 118 : 1 हैं । इसमें किसी दक्षता या कुशलता की जरूरत नहीं है । मशीनों को तैयार ही इस तरह से किया गया है वि . वे औसत या प्रतिशत के हिसाब से भुगतान । करें ।
बीमा व्यवसाय में मैंने 1 : 56 के औसत की खोज की । इसका मतलब था कि अगर में सड़कों पर जाकर यह नकारात्मक सवाल पूछूँ ‘ क्या आप अपने जीवन का बीमा नहीं कराना चाहते ? ‘ – तो 56 में से एक व्यक्ति मुझसे बीमा कराने के लिए तैयार हो जाएगा । इसका अर्थ यह है कि अगर मैं एक दिन में 168 बार यही सवाल करूं तो में दिन । में तीन बार सफल हो सकता हैं और विक्रयकर्ताओं की चोटी के 5 प्रतिशत लोगों में जगह बना सकता हैं ।
अगर मैं किसी सड़क के कोने पर खड़ा होकर हर आने – जाने वाले से यह कहूँ , ‘ क्या आप नेटवर्किंग बिज़नेस में मेरे साथ शामिल होना चाहेंगे ? ‘ तो औसत का नियम निश्चित रूप से आपको परिणाम देगा । शायद 1100 का जवाब ‘ हाँ ‘ होगा । याद रखें , औसत का नियम हमेशा काम करता है ।
जब मैं छोटा बच्चा था और घर – घर जाकर 20 सेंट में घरेलू स्पंज बेचता था तो मेरा औसत था
 10 : 7 : 4 : 2
मैं शाम 4 बजे से 6 बजे तक जिन 10 दरवाज़ों को खटखटाता था उनमें से 7 दरवाज़े ही खुलते थे । उनमें से भी केवल चार लोग ही मेरी प्रस्तुति सुनते थे और मात्र दो लोग ही स्पंज खरीदते थे । इस तरह से मैं 40 सेंट कमा लेता था जो 1962 में अच्छी – खासी रक़म थी खासकर एक ग्यारह वर्षीय लड़के के लिए । मैं एक घंटे में आराम से । 30 दरवाज़ों को खटखटा सकता था और इस तरह दो घंटे की अवधि में मैं 12 स्पंज बेच लेता था जो 2 . 40 डॉलर के बराबर रक़म थी । चूंकि मैं जान चुका था कि औसत का नियम किस तरह काम करता है । इसलिए मुझे उन तीन दरवाज़ों की चिंता कभी नहीं हुई जो नहीं खुले , न ही उन तीन लोगों के बारे में चिंता हुई जिन्होंने मेरी बात नहीं सुनी । न ही उन दो लोगों के बारे में चिंता हुई जिन्होंने मेरा सामान नहीं । ख़रीदा । मैं तो बस इतना जानता था कि अगर मैं दस दरवाज़ों पर । दस्तक देंगा तो मैं 40 सेंट कमा लँगा । इसका मतलब यह था कि हर बार जब मैं दरवाजे पर दस्तक देंगा तो मैं 4 सेंट कमाऊँगा इसके बाद । चाहे जो भी हो । औसत का यह नियम मेरे लिए एक प्रभावशाली और प्रेरणादायक शक्ति था – इस दरवाज़ों पर दस्तक दो और 40 सेंट कमाओ । सफलता सिर्फ इस बात में छपी हुई थी कि मैं कितनी जल्दी इन दरवाज़ों पर दस्तक दे सकता हूँ।

नियम 5 : अपना औसत सुधारें

बीमा व्यवसाय में मैं जानता था कि हर बार जब मैं फ़ोन घुमाता था और किसी से बात करता था – मुझे तीस डॉलर मिलेंगे । फिर भी दस टेलीफ़ोन कॉल के बदले पाँच अपॉइंटमेंट का मेरा अनुपात मेरी राय में खास अच्छा नहीं था क्योंकि इसका मतलब था कि मैं अपने बहुत सारे संभावित ग्राहकों को गवाँ रहा था । मुझे ज़रूरत थी अपॉइंटमेंट हासिल करने की एक ऐसी पद्धति की जो हर 10 कॉल में मुझे कम से कम 8 अपॉइंटमेंट दिला सके । इसका मतलब था कि मुझे संभावित ग्राहकों की तलाश में उतनी कड़ी मेहनत नहीं करनी पड़ेगी क्योंकि मैंने उन्हें फ़ोन पर इतनी जल्दी – जल्दी नहीं गंवा दिया है । मुलाक़ात – से – प्रस्तुति के मेरे 5 : 4 के अनुपात का यह मतलब निकलता था कि मेरे संभावित खरीदारों में से 20 प्रतिशत मुझसे नहीं मिल रहे हैं । मैं इस कमी को ज्यादा अच्छे संभावित ग्राहकों को फ़ोन करके दूर कर सकता था । इसी तरह प्रस्तुति – से – पूर्ण – प्रस्तुति के मेरे औसत 3 : 1 में भी सुधार की गुंजाइश थी । परंतु मैं फिर भी जानता था कि अगर मैंने कुछ भी नहीं बदला तो भी मैं हर बार फ़ोन घुमाने पर 30 डॉलर कमा ही लँगा ।
औसत का नियम आपके लिए हमेशा काम करेगा
अनुपात का ध्यान रखने से आप पूरे सचेत रहते हैं क्योंकि अनुपात आपको बताता है कि आपमें सुधार की गुंजाइश कहाँ है और आप कितने सफल हो सकते हैं । अनुपात आपको उन कार्यों पर ध्यान देने के लिए प्रेरित करता है जिनसे परिणाम मिलते हैं , न कि इस बात पर कि आगे क्या होता है ।