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Law Of Attraction की सीरीज में आपका एक बार फिर से HIH में स्वागत हैं।
जैसा कि हमने पिछले कुछ Articles में जाना कि हम कैसे विशवास करें और Goal Setting करे। अगर आपने वो अब तक Articles नहीं पड़े है तो आप यहां से सीधे उन Articals पर जा सकते हैं । उनको देखे बिना आप इसको ना पढ़े…

Belief – Law Of Attraction
> Goal Setting – Law Of Attraction

जैसा कि हम जान चुके हैं कि हमारे साथ एक Super Power हैं जो हर समय साथ रहती है और प्रकृति ने एक Automatic Software बना रखा हैं जिसको हमें Use करना हैं । अगर आप पिछली पोस्ट पढ़ चुके हो तो आप उस Software को Active कर चुके हो अब आपको उसको चलाना सीखना हैं, तो आइए आज हम HelpinHindi.iN पर सीखते हैं कि वो Software ( Law Of Attraction ) कैसे काम करता हैं।

HOW WORK LAW OF ATTRACTION

★ हर इंसान और वस्तु नियम को Follow करता हैं जिसको हम आज अच्छे से जानेंगे।
कुछ प्रकृति के स्टिक नियम भी हैं जिसको कोई भी Use करे Result Same आता हैं वो चाहे कोई भी हो ( अमीर, गरीब कोई भी ) ।
अगर आप 10 मंजिल building से नीचे छलांग लगा रहे हो तो आप नीचे ही आओगे, ऊपर कभी नहीं जाओगे चाहे आप अमीर हो या चाहे आप गरीब हो।

★ हमें जितने भी परिणाम मिलते हैं वो हमारी कोई ना कोई Energy का नतीजा हैं। जो ना तो कभी बनती और ना ही कभी नष्ट होती। जो आपके साथ होता हैं वो आप पहले अपने दिमाग में सोच चुके होते हो। वो Energy सिर्फ रूप बदलती हैं आदमी कभी नहीं मरता हैं।
जैसे :- पानी के भरे तलाब में अगर जोर से पत्थर मारोगे तो वो हमारी लगाई गई Energy पानी में मिल जाती है और वो लहरों के रूप ले लेती हैं वो तब तक नहीं रुकती जब तक कोई और Energy उनको रोक ना दे।
ये बात आप ध्यान में रखियेगा की हर एक Energy का परिणाम हमें मिलता जरूर हैं चाहे वो सकारात्मक ( +ve ) या चाहे फिर नकारात्मक ( -ve ) ।

भौतिक ऊर्जा

★ हमारे अंदर कुछ भौतिक ऊर्जा होती हैं जैसे सपने लेते समय अपनी ऊर्जा लगती हैं।

★ दिमाग से काम करने वाले ज्यादा थकते हैं, जैसे इंजीनियर और डॉक्टर मजदूर से ज्यादा थकते हैं क्योंकि वो दिमाग का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।

★ हम अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल हर जगह देखते हैं और हमे वो वस्तु का भी अहसास होना चाहिए जिस पर हम लगा रहे हैं जैसे कि अगर एक फुटबॉलर फुटबॉल को किक मारेगा तो उसको परिणाम मिलेगा जो वो चाहता हैं पर वो परिणाम पत्थर पर नहीं मिलेगा।

★ हर बार अपनी ऊर्जा लगती हैं बस सही दिशा देने की जरूरत होती हैं। जिस अनुपात में आप सोचोगे वो ही मिलेगा।

★ जब हम बार बार सोचते हैं तो क्या होता है….
हमारे शरीर में 2 तरह के मन होते हैं
1) चेतन मन
2) अवचेतन मन

डर, प्यार, गुस्सा कोई भी भावना हो उसके बारे में ही अवचेतन मन चेतन मन को कहता हैं कि आगे क्या करना हैं।
हम एक और उदाहरण को लेकर इसे समझते हैं…
★ जब कमरे में अंधेरा हो जाता हैं तो
चेतन मन : एक दम से अंधेरा हो गया।
अवचेतन मन : अगर डर हैं तो अब कुछ ऐसा ढूंढ जिससे उजाला हो सके।
हमारे दिमाग का आपस में तालमेल होता हैं किसी में कम, किसी में ज्यादा।

★ हम अपने दिमाग का 100% में से सिर्फ 10% का ही use कर पाते हैं। दिमाग में बहुत ताक़त हैं जिसमें से एक Law Of Attraction हैं।

★ अगर आपके साथ बार बार बुरा हो रहा हैं तो आप सबसे पहले अपने दिमाग को Moniter करें, क्योंकि हम जैसा सोचते हैं वैसा ही होता हैं।
प्रकृति किसी के साथ भी भेदभाव नहीं करती। प्रकृति को नहीं पता होता कि आप क्या सोच रहे हैं वो आपने बोलने पर नहीं आपकी Image पर काम करता हैं।

आखिर में मैं आपको एक और रहष्य बताना चाहूंगा कि कोई भी काम अगर हम लगातार 21 दिन तक करते हैं तो वो पूरा होता हैं, शूकर हैं कि कोई भी काम करने में 21 दिन लगते हैं क्योंकि अपना दिमाग हैं क्या पता किस पल क्या सोच ले।
अगर आपके दिमाग में किसी को करने की सोच ले और अगर वो उसी समय पूरा होता तो आप समझ सकते हैं में क्या कहना चाहता हूँ।

ये था हमारा आज का Artical । में आशा करता हु आपको अच्छे से समझ आ गया होगा कि Law Of Attraction कैसे काम करता हैं । अगर आपको ये Artical अच्छा लगा हो तो इसको शेयर करे और अपने दोस्तों की भी मदद करे उनको उनके सपने पूरे करने के लिए।
अगर आपको कोई सवाल पूछना हैं या कुछ अलग से इस Artical के बारे में बताना हैं तो आप Comment Box में लिख सकते हैं या आप Social Media पर मुझे Sms भेज सकते हैं।
मुझे खुशी होगी 🙂

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