क्या होता है 1

Dividend meaning in Hindi

डेविडेंड क्या होता है ?

डेविडेंड का अर्थ लाभांश होता है मतलब किसी लाभ मे से दिया जाने वाला अंश होता है |

किसी कंपनी के लाभ में भागीदारों का अंश होता है जो वह कंपनी लाभ कमाने पर अपने शेयरधारकों को देती है। किसी ज्वाइंट स्टॉक कंपनी में लाभांश, शेयरों के निश्चित मूल्य के आधार पर मिलता है।

इस मामले में शेयरधारक उसके शेयर के अनुपात में डिविडेंड ग्रहण करता है। डिविडेंड पैसे, शेयर या अन्य कई रूपों में दिया जा सकता है।

किसी व्यापारिक कंपनी के अंशधारियों में लाभ के जिस भाग का विभाजन किया जाता है उसे लाभांश कहते है। प्रत्येक व्यापारिक कंपनी को लाभांश वितरण करने का समवायी अधिकार होता है। संचालक इस बात की सिफारिश करते हैं कि कितनी राशि लाभांश के रूप में घोषित की जाए। उसके पश्चात्‌ कंपनी अपनी सामान्य बैठक में लाभांश की घोषणा करती है, किंतु यह राशि संचालकों द्वारा सिफारिश की गई राशि से अधिक नहीं होनी चाहिए।

डेविडेंड प्रकार –

1.Cash dividend / नकद लाभांश – कैश डिविडेंड का भुगतान चेक के रूप में किया जाता है। इस प्रकार अर्जित आय पर शेयरधारक को कर अदा करना पड़ता है। एक सामान्य उदाहरण लें, तो यदि किसी व्यक्ति के पास 1000 शेयर हैं और यदि उनका कैश डिविडेंड मूल्य 1 रुपये हैं तो उसे डिविडेंड के रूप में 1000 रुपये मिलेंगे।

2.Stock dividend / प्रतिभूति लाभांश – स्टॉक डिविडेंड में कंपनी शेयरधारक को मिलने वाले लाभ के एवज में और शेयर दे देती है। इस डिविडेन्ड के उदाहरण स्वरूप 1000 शेयर रखने वाले को पांच प्रतिशत का डिविडेंड लाभ होने पर कंपनी उसे पांच अतिरिक्त शेयर देगी।

Property Dividend / संपत्ति लाभांश – प्रॉपर्टी डिविडेंड में लाभांश कमाने के रूप में कंपनी शेयरधारक को कोई सम्पत्ति देती है, लेकिन कंपनी प्राय: ऐसे डिविडेंड जब कभी ही देती है। यह पूर्णतया शेयरधारक की इच्छा पर निर्भर करता है कि डिविडेंड के रूप में मिले हुए शेयर को अपने पास रखे या उन्हें बेच दे।

Tax / कर – 1 फरवरी 2020 को पेश किए बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister of India) ने डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (Dividend Distribution Tax) हटा दिया था | निवेशक को मिलने वाला लाभांश कर-मुक्त होता है। हालांकि यह व्यक्ति-विशेष के अनुसार अलग-अलग होता है, लेकिन ब्याज पर कर लगता है।

ऐसा इसलिये हैं, क्योंकि ब्याज को खर्च माना जाता है और लाभांश को निवेशक का लाभ मानते हैं। यदि कंपनी अपनी आय, जिसमें लाभांश भी शामिल हैं, पर कर अदा कर चुकी है, तो उसके बाद लभांश पर कर लेने से यह दुगना कर हो जाएगा। इसी कारण से 1997 में लाभांश को करमुक्त कर दिया गया था।

डिविडेंड पॉलिसी क्या है – प्रत्येक कंपनी जिन नियमों, सिद्धांतों के आधार पर लाभांश का वितरण करती है, उसे लाभांश नीति कहा जाता है।

आपको Dividend कैसे प्राप्त होगा?

कई नए निवेशकों को यह भ्रम होता है कि डिविडेंड उनके ट्रेडिंग अकाउंट के बैलेंस में आता हैं। डिविडेंड हमेशा उस बैंक अकाउंट में क्रेडिट होता है जो आपके डिमैट अकाउंट से जुड़ा हो। अगर आपका डिमैट अकाउंट UPSTOX में है और आपका डिमैट अकाउंट SBI Bank से जुड़ा हैं तो आपको आपके SBI बैंक अकाउंट में डिविडेंड प्राप्त होगा।

डिविडेंड क्यों महत्वपूर्ण होते हैं?

जहां लाभांश संकेत देते हैं कि कंपनी के पास अच्छा कैश फ्लो है और वह बढ़िया लाभ कमा रही है, वे निवेशकों को रेकरिंग रेवेन्यू भी उपलब्ध कराते हैं। डिविडेंड पेआउट कंपनी के आंतरिक मूल्य के बारे में भी ठोस जानकारी देने में सहायता करते हैं। कई देश लाभांशों को प्रीफेरेंशियल टैक्स ट्रीटमेंट की भी पेशकश करते हैं जहां उन्हें टैक्स-फ्री इनकम माना जाता है।

डिविडेंड की महत्वपूर्ण तारीखें –

Dividend declaration Date – यह डेट वह होती हैं जिस दिन कंपनी के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स shareholders को डिविडेंड देने की घोषणा करते हैं। इस घोषणा में डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन की तारीख, डिविडेंड की राशि और रिकॉर्ड डेट की घोषणा की जाती हैं।

Record Date – डिविडेंड डिक्लेरेशन डेट को ही रिकॉर्ड डेट की भी जानकारी दी जाती हैं। प्रत्येक कंपनी के शेयर होल्डर्स की एक रिकॉर्ड बुक होती हैं जिसमें सभी शेयर होल्डर्स के नाम दर्ज होते हैं।

Record Date – डिविडेंड डिक्लेरेशन डेट को ही रिकॉर्ड डेट की भी जानकारी दी जाती हैं। प्रत्येक कंपनी के शेयर होल्डर्स की एक रिकॉर्ड बुक होती हैं जिसमें सभी शेयर होल्डर्स के नाम दर्ज होते हैं।

Ex-Dividend Date – Ex-Dividend Date सामान्य तौर पर रिकॉर्ड डेट के 2 दिन पहले होती है। अगर आपको किसी कंपनी का डिविडेंड प्राप्त करना है तो आपको उस कंपनी के शेयर एक्स डिविडेंड डेट से पहले खरीदने होंगे।

अगर आप Ex-Dividend Date को या उसके बाद शेयर खरीदते हैं तो आपको कोई डिविडेंड नहीं मिलेगा। ऐसी स्थिति में जिस व्यक्ति ने आपको शेयर बेचे हैं उसको डिविडेंड प्राप्त होगा। Ex-Dividend Date स्टॉक एक्सचेंज के द्वारा तय की जाती हैं। स्टॉक एक्सचेंज ऐसा इसलिए करता है कि रिकॉर्ड डेट पर सभी सही शेयर होल्डर्स के नाम दर्ज हो।

Payment Date – पेमेंट डेट वह तारीख़ होती हैं जिस दिनशेयर होल्डर्स को डिविडेंड का भुगतान कर दिया जाता है।

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