Internet kya hai :-  दोस्तों इन्टरनेट का उपयोग हम सभी लोग करते ही है. और इन्टरनेट आज हमारी प्रमुख जरूरतों में से एक हो चूका है. जहाँ इन्टरनेट की शुरुआत में यह हमारे लिए सिर्फ मनोरजन का ही माध्यम था वहीँ आज यह हमारे व्यवसाय से लेकर शिक्षा तक प्रमुख साधन बन चूका है.

आज के लेख में हम आपको इन्टरनेट के बारे में कुछ रोचक जानकारियाँ लेकर आये है जिन्हें शायद ही आपने इससे पहले खोजने का प्रयास किया हो.

यदि आपसे पूछा जाये की इन्टरनेट क्या है? तो शायद ही आप इसके बारे में बहुत ज्यादा जानकारी ही रखते हो.

इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए मैं आज आपके लिए इन्टरनेट का सामान्य ज्ञान लेकर आया हूँ, ताकि इससे आपका ज्ञानार्जन भी हो सके.

Internet kya hai
Internet kya hai


इंटरनेट किसे कहते है
?

इंटरनेट यह एक नई दुनिया है. जिसकी अपनी भाषा है. यह नेटवर्कों की एक श्रंखला है जिसके द्वारा  दूरदराज एवं विभिन्न इलाकों में जानकारी का आदान – प्रदान किया जाता है. इंटरनेट पर किसी भी जानकारी या डेटा को भेजने में महज कुछ सेकंड का ही समय लगता है. आज इंटरनेट के द्वारा Voice mail, Chat, Live Classes, E-Commerce Business आदि कई फीचरों के साथ इंटरनेट को एक्सेस किया जा रहा है.

इंटरनेट का इतिहास

इंटरनेट का प्रारंभ 1967 में अमेरिका में एक छोटी से सरकारी परियोजना के रूप में हुआ था. सर्वप्रथम ARPA (Advanced Research Project Agency) ने डेटा ट्रांसफर या स्थानांतरण करने के लिए अपने कंप्यूटरों को आपस में जोड़ दिया था. यह नेटवर्क बाद में अर्पानेट (ARPANET) के रूप में जाना गया और यहीं से इंटरनेट का जन्म हुआ.

वर्तमान समय में इंटरनेट अब कंप्यूटरों का एक विशाल नेटवर्क बन गया है. यह केवल एक नेटवर्क ही नहीं बल्कि हजारों विश्वव्यापी नेटवर्कों से मिलकर बना है. हम में से कोई नहीं जानता की की कितने कंप्यूटर इंटरनेट से जुड़े है क्योंकि प्रतिदिन कई नई मशीने इससे जुड़ जाती है. इंटरनेट की सिक्यूरिटी एवं क्वालिटी को बनाये रखने के लिए पुरानी मशीनों को हटा लिया जाता है.

दुनिया भर के लोग और संस्थान इंटरनेट से जुड़े विभिन्न कंप्यूटरों के मालिक है. इसलिए वास्तव में कोई भी व्यक्ति या संस्थान इंटरनेट का मालिक नहीं है. लेकिन निजी कम्पनियां और कुछ देश में सरकारी एजेंसियां इंटरनेट की उस रीढ़ की मालिक है जिसके माध्यम से जानकारियां प्रवाहित होती है. और भी कई संगठन इस नेटवर्क की तकनीकी को विकसित करते है.

भारत में इंटरनेट का पहला प्रयोग 15 अगस्त 1995 में BSNL ने GIAS को व्यवसायिक तौर पर प्रारंभ किया था. इसकी शुरुआत का उदेश्य केवल शोध और अनुसन्धान करना था. लेकिन बढ़ते समय के साथ –  साथ आम लोग भी इंटरनेट प्रोवाइडर से सेवा खरीदकर इंटरनेट का इस्तेमाल करने लगे.

इन्टरनेट के फायदे:

  • इंटरनेट सूचना व ज्ञान का भंडार है. यहाँ विभिन्न सर्च इंजनों का प्रयोग करके किसी भी प्रकार की सूचना या जानकारी को प्राप्त किया जा सकता है.
  • आप कुछ मिनटों में ही ई-मेल भेज सकते है.
  • video कांफ्रेसिंग की सुविधा का इस्तेमाल करके लोगों से मीटिंग कर सकते है.
  • इंटरनेट मनोरंजन का खुला मैदान बन गया है. जैसे – टी.वी देखना, संगीत सुनना आदि
  • घर से ही रिमोट सपोर्ट के द्वारा कंप्यूटर की समस्या का समाधान करना
  • सोशल नेटवर्किंग
  • जॉब सर्च करना इत्यादि

इंटरनेट प्राप्त करने के लिए आवश्यकताएं

  • कंप्यूटर
  • टेलेफोन लाइन
  • मॉडम
  • कम्युनिकेशन सॉफ्टवेयर
  • इंटरनेट प्रोवाइडर
  • इंटरनेट ब्राउज़र

इंटरनेट कार्य में बारबार इस्तेमाल की जाने वाली शब्दावली 

  • बाउंस
  • ब्राउज़र
  • ब्राउज़िंग
  • चैट
  • ई -मेल
  • ई -मेल एड्रेस
  • फ़ाइल ट्रांसफर
  • HTML
  • ISDN
  • मॉडम
  • सर्च इंजन
  • सर्च डायरेक्टरी
  • वेबसाइट
  • WWW
  • website

अब संक्षेप में –  

  • सर्वप्रथम इंटरनेट को केवल शोध के लिए प्रारंभ किया गया था. लेकिन जैसे – ही समय बदलता गया. तो आम लोग भी इंटरनेट का इस्तेमाल करने लगे
  • मैसेज के साथ-साथ फाइल ट्रांसफर करना ई -मेल की  सबसे महत्वपूर्ण क्षमता है. जिसे हम सब फाइल अटैचमेंट के नाम से जानते है. जो किसी भी रूप में सकती है. जिसे प्रोग्राम ई-मेल के साथ भेजता है.
  • सर्च इंजन या डायरेक्टरी आपकी दिलचस्पी विषयों की खोज में आपकी मदद करता है.  ये विशाल डेटाबेस होते है. जो लाखों वेबसाइटों की जानकारी रखते है. इनमें इन-बिल्ड प्रोग्राम होते है. जिन्हें स्पाइडर कहा जाता है. जो अपने आप स्वचालित रूप से वेबसाइटों की खोज करते है.

Disclaimer:

दोस्तों मैंने इस लेख के माध्यम से इन्टरनेट के सम्बन्ध में बहुत ही संक्षेप में ऐसी जानकारी देने का प्रयास किया है कि इसे एक बार पढ़ कर ही याद किया जा सके. आशा करता हूँ आपको इन्टरनेट पर यह लेख जरुर अच्छा लगा होगा.

FAQ

इंटरनेट शटडाउन क्या होता है?

Ans. Internet Service Provider को सरकार द्वारा किसी विशेष क्षेत्र में एक निश्चित एजेंसी को इंटरनेट की सेवाओं को बंद करने का आदेश दिया जाता है. Internet Shutdown हमेशा किसी विशेष क्षेत्र में लागू किया जाता है. जिससे एक विशेष क्षेत्र के लोग इंटरनेट को इंटरनेट का उपयोग नहीं कर पाते है.

इंटरनेट शटडाउन या इंटरनेट बैन की स्थिति में क्या होता है?

internet बैन आंशिक या पूर्ण तरह से हो सकता है. आंशिक बैन का मतलब है जब कुछ वेबसाइटो को छोड़कर बाकि सभी वेबसाइट को एक्सेस किया जा सके. लेकिन पूर्ण बैन की स्थिति में इंटरनेट की सर्विस पूरी तरह से बंद कर दी जाती है. कुछ परिस्थितियों में सरकार हाई speed इंटरनेट सर्विस जैसे 4G और 3G को बंद कर देती है और 2G सर्विस चालू रहने देती है. जिससे भ्रामक ख़बरों और सूचनाओं को आदान – प्रदान करने से रोका जाय.

कौन कर सकता है इंटरनेट शटडाउन ?

भारत में इंटरनेट shutdown करने का अधिकार केंद्र सरकार और राज्य सरकार को है. सरकार टेलिकॉम कम्पनियों को इंटरनेट की सर्विस पूरी तरह से बंद कर देने या मात्र कुछ वेबसाइटो को बंद करने का निर्देश दे सकती है. इसके लिए पहले अदालत से मंजूरी लेना अनिवार्य नहीं है.